ओबीसी 27% आरक्षण केस में नया मोड़, सुनवाई टली, बदले गए सरकारी वकील

जबलपुर। मध्यप्रदेश में बहुचर्चित ओबीसी 27 प्रतिशत आरक्षण मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई एक बार फिर टल गई है और इसी के साथ इस केस में एक नया मोड़ भी सामने आया है, जहां सरकार की ओर से नियुक्त दो विशेष अधिवक्ताओं को मामले से अलग कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक एडवोकेट रामेश्वर सिंह ठाकुर और एडवोकेट विनायक शाह को विशेष अधिवक्ता के पद से हटा दिया गया है, जिसके बाद अब वे सरकार की ओर से इस मामले में पक्ष नहीं रख पाएंगे और इसे लेकर कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं।

सुनवाई टलने की वजह सुप्रीम कोर्ट से संबंधित कुछ याचिकाओं का हाईकोर्ट तक नहीं पहुंच पाना बताया गया, वहीं विरोधी पक्ष के वकील ने समर वेकेशन के बाद सुनवाई करने की अपील की, जिसे स्वीकार करते हुए अब अगली सुनवाई 13, 14 और 15 मई को तय की गई है।

सरकार की ओर से इस मामले में पक्ष रखने के लिए नई अधिसूचना जारी की गई है, जिसमें Tushar Mehta, K. M. Nataraj और Prashant Singh जैसे वरिष्ठ विधि अधिकारी अदालत में सरकार का पक्ष रखेंगे।

अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में सबकी नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां यह देखना अहम होगा कि अदालत में क्या नया रुख सामने आता है और ओबीसी आरक्षण को लेकर आगे क्या फैसला होता है।

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