लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और उससे जुड़े लोग विभिन्न घटनाओं को जातीय रंग देकर समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
ओपी राजभर ने कहा कि हर चुनाव में जनता समाजवादी पार्टी को जवाब दे रही है, लेकिन इसके बावजूद पार्टी की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के जरिए झूठे नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं और समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। राजभर ने दावा किया कि कई मामलों को बिना पूरी सच्चाई सामने आए जातीय संघर्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया।
मंत्री ओपी राजभर ने बस्ती, बुलंदशहर और सुल्तानपुर समेत कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बाद की जांच में इन मामलों की वास्तविक वजह निजी विवाद, पारिवारिक तनाव या आपसी रंजिश सामने आई, लेकिन शुरुआती दौर में उन्हें जातीय उत्पीड़न से जोड़कर प्रचारित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीति समाज में वैमनस्य पैदा करती है।
ओपी राजभर ने एआई तकनीक के जरिए कथित तौर पर फर्जी वीडियो और ऑडियो बनाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि कई नेताओं के एडिटेड वीडियो और एआई जनरेटेड कंटेंट के माध्यम से लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे मामलों का पूरा हिसाब लिया जाएगा और सच्चाई जनता के सामने लाई जाएगी।
राजभर ने समाजवादी पार्टी पर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब सच और झूठ के बीच फर्क समझने लगी है और आने वाले चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा। साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव से समाज को बांटने वाली राजनीति से बचने की अपील भी की।
ओपी राजभर ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता अपना फैसला सुनाएगी और राजनीतिक दलों को उनके कामकाज के आधार पर परखेगी। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

