मध्यप्रदेश के सतना जिले में पिछले 24 घंटे से बारिश थमने के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों ने राहत की सांस ली है। करीब पांच दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद चित्रकूट की मंदाकिनी नदी और कोटर क्षेत्र की सेमरावल नदी समेत कई नदी-नाले अब सामान्य स्थिति में लौटने लगे हैं। पानी कम होने के साथ ही जनजीवन भी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है।
शनिवार सुबह 9 बजे चित्रकूट के आरोग्य धाम में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 135.98 मीटर दर्ज किया गया, जिसे सामान्य स्थिति में बताया गया है। नदी का जलस्तर घटने के बाद पिछले छह दिनों से राहत और बचाव कार्य में जुटा प्रशासन अब सफाई अभियान पर फोकस कर रहा है।
बाढ़ का पानी उतरते ही चित्रकूट के कई मोहल्लों और गलियों में जमा सिल्ट, कीचड़ और मलबा बड़ी चुनौती बन गया है। पिछले दो दिनों से इन इलाकों में सफाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। पहले मुख्य मार्गों की सफाई की गई और अब भरत घाट और आरोग्य धाम क्षेत्र की गलियों में भी प्रशासनिक टीमें पहुंच गई हैं।
बाढ़ के बाद सड़कों और गलियों में जमा गंदगी और मलबे को हटाने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं, ताकि लोगों की आवाजाही सामान्य हो सके और किसी तरह की बीमारी या संक्रमण का खतरा न बढ़े।
हालांकि पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिलहाल कमजोर हुई हैं, लेकिन मौसम का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पूर्वी मध्यप्रदेश में बना सिस्टम अब पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर बढ़ गया है, जिसके कारण पूर्वी हिस्से में फिलहाल राहत मिली है।
आने वाले दिनों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। यानी चित्रकूट में फिलहाल मंदाकिनी शांत है, बाढ़ का पानी उतर रहा है और राहत कार्य तेज हो गए हैं, लेकिन प्रशासन की नजर अभी भी मौसम पर बनी हुई है।

