‘दतिया में फिर खिलेगा कमल’! मंत्री धर्मेंद्र लोधी का बड़ा दावा, शंकराचार्य प्रतिमा को लेकर भी दिया बयान

 खंडवा। दतिया उपचुनाव को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। खंडवा दौरे पर पहुंचे प्रदेश सरकार के मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने दावा किया है कि दतिया में एक बार फिर कमल खिलेगा और भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ जीत दर्ज करेगी।

मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि जनता को भाजपा की जनहितकारी योजनाओं पर भरोसा है और यही वजह है कि लोग भाजपा के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का भविष्य जनता पहले ही तय कर चुकी है और दतिया उपचुनाव के नतीजे भी इसे साफ कर देंगे।

कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए मंत्री लोधी ने कहा कि जो नेता खुद चुनाव में बड़ी हार का सामना कर चुका हो, वह प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने की बात कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है और उसका नेतृत्व जनता का विश्वास जीतने में असफल रहा है।

पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा भाजपा के अनुशासित और समर्पित कार्यकर्ता हैं। पार्टी जो भी निर्णय लेती है, वे उसका सम्मान करते हैं और हमेशा संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहते हैं।

इस दौरान ओंकारेश्वर में स्थापित आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा को लेकर सामने आई खबरों पर भी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रतिमा के झुकने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और यह केवल भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास है।

मंत्री ने बताया कि आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का निर्माण देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कंपनी एलएंडटी द्वारा किया गया है, जिसने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण भी किया है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और इसे तेज हवाओं तथा भूकंप जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

धर्मेंद्र सिंह लोधी के मुताबिक, तकनीकी संस्थानों के मानकों के आधार पर यह प्रतिमा लंबे समय तक सुरक्षित रहने में सक्षम है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रतिमा का अंतिम हैंडओवर अभी कंपनी की ओर से नहीं किया गया है और फिलहाल इसके निरीक्षण तथा रखरखाव की जिम्मेदारी भी कंपनी के पास ही है।

अब एक ओर जहां दतिया उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, वहीं दूसरी ओर आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा को लेकर उठे सवालों पर सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।

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