रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। घटना के विरोध में यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए न्याय की मांग की और डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट और डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के बंगले का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मानस भवन के पास बैरिकेडिंग कर उनका रास्ता रोक दिया।
इसके बाद मौके पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
प्रदर्शनकारी जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
बैरिकेडिंग, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल के बाद मौके पर काफी तनावपूर्ण माहौल बन गया। इस प्रदर्शन के बाद रीवा में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर है, तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यही है कि जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इस घटना को लेकर जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होती है।

