भोपाल। राजधानी भोपाल में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन के दौरान आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया का बड़ा और तीखा बयान सामने आया है। राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि अगर संघर्ष करने का जज्बा नहीं है, तो राजनीति से सन्यास ले लेना चाहिए।
डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि यह केवल कांग्रेस की लड़ाई नहीं है, बल्कि देश की आत्मा, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जनता महंगाई से परेशान है, पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार यह कहती है कि उसके पास संसाधनों की कमी है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि पैसा नहीं है, तो विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए धन कहां से आ रहा है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भोपाल में आंदोलन किया और दिल्ली में भी पार्टी नेतृत्व ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब इस संघर्ष को रुकना नहीं चाहिए और इसे अंतिम लड़ाई की तरह लड़ना होगा।
विक्रांत भूरिया ने आशंका जताते हुए कहा कि यदि आज इस मुद्दे पर मजबूती से आवाज नहीं उठाई गई, तो आने वाले समय में पंचायत से लेकर नगरीय निकायों तक के चुनाव भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि नामांकन इसी तरह निरस्त होते रहे, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो जाएंगे।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति केवल पद हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि संघर्ष का रास्ता है। जो तप नहीं सकता, जो लड़ नहीं सकता, जो लाठी नहीं खा सकता और जो जमीन पर उतरकर जनता की लड़ाई नहीं लड़ सकता, उसके लिए राजनीति में कोई स्थान नहीं है।
उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पार्टी की कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई को न्याय जरूर मिलेगा, लेकिन यदि न्याय नहीं मिलता है तो कार्यकर्ताओं को लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने युवाओं से जोश और प्रतिबद्धता के साथ संगठन के लिए काम करने की अपील की और कहा कि राजनीति में केवल वही टिक सकता है, जिसमें संघर्ष करने का साहस हो।
डॉ. विक्रांत भूरिया के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा चुनाव और मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद के बीच कांग्रेस नेताओं के तेवर लगातार आक्रामक होते नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि इस पूरे मामले में आगे क्या राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रम सामने आते हैं।

