खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन में कैबिनेट बैठक से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब पुलिस ने यूथ कांग्रेस के तीन पदाधिकारियों को सुबह करीब 7 बजे हिरासत में ले लिया। प्रशासन को आशंका थी कि कार्यकर्ता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्रियों को काले झंडे दिखाकर बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।
इस कार्रवाई के बाद सियासी माहौल गरमा गया। यूथ कांग्रेस नेताओं ने इसे युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश बताया और सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जनहित के मुद्दों पर विरोध आगे भी जारी रहेगा और वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले 8 फरवरी को धनपुरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को काले झंडे दिखाए थे। उस मामले में पुलिस ने तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तार लोगों में एक नाबालिग छात्र भी शामिल था। 12वीं का छात्र सत्यम 8 फरवरी से जेल में बंद था और 10 फरवरी की सुबह जब उसे रिहा किया गया, तब तक उसकी अंग्रेजी की परीक्षा हो चुकी थी।
कैबिनेट बैठक से पहले हुई इस कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट ला दी है।

