शहडोल। मध्यप्रदेश के Shahdol जिले में इन दिनों खनन माफिया पूरी तरह बेलगाम नजर आ रहे हैं। आदिवासी बाहुल्य इस इलाके में रेत का ठेका न होने की वजह से नदियों और नालों से धड़ल्ले से अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण किया जा रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कार्रवाई से बचने के लिए माफिया खनिज विभाग के दफ्तर के बाहर तक रेकी करते देखे जा रहे हैं।
हालांकि खनिज विभाग ने भी सख्ती दिखाते हुए अभियान तेज कर दिया है। 1 अप्रैल 2025 से 15 मार्च 2026 तक चलाए गए अभियान में अवैध खनन के कुल 222 मामले दर्ज किए गए हैं और अब तक 70 लाख 27 हजार 162 रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस दौरान अवैध उत्खनन के 19 मामलों में 6 लाख 85 हजार 300 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि अवैध परिवहन के 192 मामलों से 6 लाख 57 हजार 722 रुपये वसूले गए। इसके अलावा अवैध भंडारण के 6 मामलों में 2 लाख 84 हजार 140 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
इसी कड़ी में हाल ही में बुढ़ार क्षेत्र के ग्राम मर्यादपुर स्थित सोन नदी के कसेड घाट पर कार्रवाई करते हुए एक मेटाडोर को रोका गया, लेकिन चालक वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद वाहन और रेत को जब्त कर थाना बुढ़ार में जमा कराया गया।
वहीं सोहागपुर तहसील के सिंहपुर क्षेत्र में भी गिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए दो वाहनों को पकड़ा गया, जिनके चालकों के पास भी कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने वाहनों और खनिज को जब्त कर लिया है।
खनिज विभाग ने संबंधित चालकों और वाहन मालिकों के खिलाफ मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर कलेक्टर के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि जिले में अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार और सख्ती के साथ जारी रहेगा।

