डबरा। मध्यप्रदेश में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, जहां कई जिलों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है और हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं।
बीती रात गरज-चमक के साथ हुई बारिश और बेर के आकार के ओलों ने खेतों में खड़ी गेहूं और अन्य रबी फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया, जिससे करीब 50 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका जताई जा रही है और किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे अब किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और वे सरकार से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
डबरा-भितरवार क्षेत्र के कई गांवों में फसल को भारी नुकसान हुआ है, जहां किसान लगातार प्रशासन से सर्वे और मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
वहीं Raisen जिले के सुल्तानगंज तहसील के गांवों में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं, जहां अचानक मौसम बिगड़ने के साथ चने और बेर के आकार के ओले गिरे, जिससे गेहूं और चना फसल को नुकसान की आशंका और बढ़ गई है।
नई गढ़िया, गोपई, उमरहारी और गुलवाड़ा जैसे गांवों में किसानों की चिंता साफ नजर आ रही है, क्योंकि यह वही समय था जब किसान कटाई की तैयारी में लगे हुए थे, लेकिन काले बादलों और ठंडी हवाओं ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
इस बेमौसम बारिश का असर बाजारों पर भी देखने को मिला, जहां चांद रात के मौके पर सजी दुकानों में भी बारिश ने खलल डाल दिया और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा, ऐसे में अब हर किसी की नजर सरकार की राहत और मुआवजे पर टिकी हुई है।

