भोपाल। वाराणसी में 31 मार्च को एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है, जिसमें मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग को एक नया आयाम देने की तैयारी है, इस सम्मेलन के जरिए निवेश, निर्यात, ओडीओपी, पारंपरिक शिल्प और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है
यह सम्मेलन अंतरराज्यीय सहयोग का एक मजबूत और परिणामोन्मुख मॉडल तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसमें ओडीओपी, जीआई टैग उत्पाद, पारंपरिक हस्तशिल्प, कृषि और फूड प्रोडक्ट्स को एक साथ जोड़कर एक व्यापक आर्थिक इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर रहेगा
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से होगी, जहां वे क्राउड मैनेजमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और तीर्थयात्री सुविधाओं का गहन अवलोकन करेंगे
सम्मेलन के दौरान खास तौर पर उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात को बढ़ावा देने पर फोकस रहेगा, साथ ही पर्यटन को बढ़ाने और पारंपरिक शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए भी ठोस रणनीति बनाई जाएगी, यह पहल दोनों राज्यों के आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास मानी जा रही है

