मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, जहां बीना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे ने हाईकोर्ट में साफ तौर पर कहा है कि वह अभी भी कांग्रेस पार्टी का हिस्सा हैं और कहीं शामिल नहीं हुई हैं, जिस पर हाईकोर्ट ने उनके इस बयान को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया है।
दरअसल पूरा मामला तब शुरू हुआ जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि निर्मला सप्रे भाजपा में शामिल हो चुकी हैं और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जानी चाहिए, इसके लिए उन्होंने स्पीकर को पत्र भी लिखा लेकिन जब कोई फैसला नहीं हुआ तो मामला हाईकोर्ट पहुंच गया।
सुनवाई के दौरान उमंग सिंघार के वकील ने कोर्ट में दावा किया कि लोकसभा चुनाव के दौरान निर्मला सप्रे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ नजर आईं और भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार करती दिखाई दीं, इसके समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट्स को भी सबूत के तौर पर पेश किया गया।
वहीं हाईकोर्ट की बेंच ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उमंग सिंघार को 9 अप्रैल तक ठोस सबूत पेश करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही अगली सुनवाई की तारीख 20 अप्रैल तय की गई है, अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में इस सियासी विवाद में कौन सा नया मोड़ सामने आता है।

