जबलपुर। मध्यप्रदेश के चर्चित हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां अब इस केस की सुनवाई चीफ जस्टिस की बेंच में की जाएगी और इसे प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा।
हाईकोर्ट ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिए हैं कि केस से जुड़े सभी दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत किए जाएं, साथ ही मामले में एफआईआर दर्ज करने वाले अधिकारियों से भी विस्तृत पूछताछ की गई है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि इस मामले से जुड़े पक्ष अलग-अलग कारणों से सुनवाई टालने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
वहीं आरोपी अब्दुल रज्जाक की ओर से दलील दी गई है कि उनके खिलाफ दर्ज कई मामलों में अब तक अंतिम रिपोर्ट पेश नहीं की गई है, जबकि वह अगस्त 2021 से जेल में बंद हैं।
इस केस में विधायक संजय पाठक पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि उनके दबाव में झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते पुलिस कार्रवाई करवाई गई।
फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को तय की गई है, जहां इस हाई-प्रोफाइल केस में आगे की दिशा साफ हो सकती है।

