भोपाल। मध्यप्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार ईंधन के दाम बढ़ने से लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। वहीं इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए आर्थिक और विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी ने पलटवार करते हुए इसे वैश्विक परिस्थितियों का असर बताया है।
अब भोपाल में पेट्रोल 110 रुपए 75 पैसे प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल 95 रुपए 91 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है। इंदौर और जबलपुर में पेट्रोल 110 रुपए 79 पैसे, ग्वालियर में 110 रुपए 69 पैसे और उज्जैन में 111 रुपए 27 पैसे प्रति लीटर हो गया है। वहीं डीजल की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं।
ईंधन के बढ़ते दामों के बीच प्रदेश में मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड और संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर भी सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की आर्थिक और विदेश नीति पूरी तरह फेल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जनता महंगाई से परेशान है, किसानों को भुगतान नहीं मिल रहा, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और सरकार सिर्फ रिपोर्ट कार्ड का दिखावा कर रही है।
पीसी शर्मा ने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला केवल कुछ बड़े नेताओं के हाथ में है और बीजेपी अंदरूनी तौर पर कमजोर नेताओं पर कार्रवाई कर रही है, जबकि प्रभावशाली लोगों पर मेहरबानी दिखाई जा रही है। उन्होंने नक्सलवाद और बेरोजगारी को भी जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा।
वहीं बीजेपी प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार की समीक्षा प्रक्रिया सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार मुख्यमंत्री का संवैधानिक अधिकार है और विपक्ष को इस पर अनावश्यक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
बीजेपी ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ईंधन की कीमतों पर असर पड़ा है और सरकार हर चुनौती से निपटने के लिए काम कर रही है। साथ ही पार्टी ने दावा किया कि संगठन में अनुशासन सभी के लिए समान है और कार्रवाई भी उसी आधार पर की जाती है।
प्रदेश में बढ़ती महंगाई, मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड और संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर अब सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है।

