भोपाल। मध्यप्रदेश में राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने के बाद सियासत गरमा गई है, जहां कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं तो वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कोर्ट के फैसले का हवाला दिया है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मामला न्यायालय में है और अपील के लिए समय भी दिया गया है, तो इतनी जल्दबाजी में आधी रात को विधानसभा सचिवालय खोलकर सदस्यता खत्म करने की क्या जरूरत थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव से पहले विपक्ष को कमजोर करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है और इसे लोकतंत्र के खिलाफ कदम बताया, साथ ही कांग्रेस ने साफ किया कि वह इस लड़ाई को कानूनी तरीके से हर मंच पर लड़ेगी।
वहीं कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने भी कहा कि जैसे राहुल गांधी को कोर्ट से राहत मिली थी, वैसे ही राजेंद्र भारती को भी राहत मिलेगी और यह पूरी कार्रवाई राज्यसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की गई है।
दूसरी तरफ बीजेपी विधायक भगवानदास सबनानी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधानसभा ने नियमों के तहत कार्रवाई की है और जब कोर्ट ने दोषी ठहराया है तो आरोप बीजेपी पर लगाना गलत है।
उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और अगर किसी को आपत्ति है तो वह कोर्ट जाकर राहत ले सकता है, फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है।

