अयोध्या. श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष Nripendra Misra ने कारसेवकों पर गोली चलाने को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए Akhilesh Yadav को जवाब दिया है, जिसके बाद इस मुद्दे पर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है।
एक पत्रकार वार्ता के दौरान नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि इस तरह के फैसले प्रमुख सचिव स्तर पर नहीं लिए जाते, बल्कि ये लगभग पूरी तरह राजनीतिक निर्णय होते हैं, जिनमें प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका सीमित होती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में गृह सचिव, मुख्य सचिव और डीजीपी अपनी राय देते हैं, लेकिन अंतिम फैसला राजनीतिक स्तर पर ही लिया जाता है।
नृपेंद्र मिश्रा ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव एक सम्मानित नेता के बेटे हैं, इसलिए उन्हें इन बातों की पूरी जानकारी होनी चाहिए, साथ ही उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वह मुलायम सिंह यादव की सरकार के समय प्रमुख सचिव के पद पर कार्यरत थे।
बाबरी मस्जिद विध्वंस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय कार्रवाई के लिए तैयार फाइल को तत्कालीन मुख्यमंत्री Kalyan Singh ने वापस कर दिया था और कारसेवकों पर गोली न चलाने का निर्णय लिया गया था।
उन्होंने दोहराया कि इस तरह के बड़े फैसले किसी एक अधिकारी के स्तर पर नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं, इसलिए आरोपों को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

