विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ग्यारसपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ग्राम मोहनपुर में दो नाबालिग बालिकाओं की शादी कराई जा रही थी, लेकिन समय रहते प्रशासन की टीम ने पहुंचकर इस बाल विवाह को रुकवा दिया।
सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग और सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए शादी को रुकवा दिया। टीम में जिला प्रभारी दीपा शर्मा, लाडो अभियान प्रभारी मुकेश ताम्रकार सहित अन्य अधिकारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने परिजनों को समझाया कि 18 वर्ष से पहले बालिकाओं की शादी कराना कानूनन अपराध है और इसके लिए सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि परिजनों ने अपनी परंपरा का हवाला देते हुए कम उम्र में विवाह की बात कही, लेकिन प्रशासन की सख्ती और समझाइश के बाद फिलहाल इस बाल विवाह को टाल दिया गया है, जिससे एक बड़ी सामाजिक कुरीति पर समय रहते रोक लगाई जा सकी।

