उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां महाकुंभ 2025 में चर्चा में आई हर्षा रिछारिया ने संन्यास ग्रहण कर लिया है और अब वे हर्षानंद गिरी के नाम से जानी जाएंगी, मौनतीर्थ पीठ में महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरी महाराज से दीक्षा लेकर उन्होंने सनातन परंपरा में नया जीवन शुरू किया है।
संन्यास लेने से पहले हर्षा रिछारिया ने सभी जरूरी धार्मिक संस्कार पूरे किए, जिनमें प्रायश्चित कर्म, शुद्धि स्नान, पिंडदान और शिखा विसर्जन शामिल रहे, विधि-विधान के साथ पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से संन्यास दीक्षा दी गई और उनका नया नाम हर्षानंद गिरी रखा गया।
संन्यास के साथ ही हर्षानंद गिरी ने समाज और धर्म से जुड़े कई अहम मुद्दों पर काम करने का संकल्प लिया है, उन्होंने नारी शक्ति, नशा मुक्ति और अन्य धार्मिक विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही है और बताया कि वे अपने गुरु के मार्गदर्शन में आगे की योजनाओं को जमीन पर उतारेंगी, उज्जैन से शुरू हुआ यह नया अध्याय अब आने वाले समय में उनके कार्यों के जरिए और स्पष्ट नजर आएगा।

