भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर कर्मचारी संघ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है, जहां वर्षों से लंबित मांगों को लेकर हुई बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई है।
बैठक में कर्मचारियों ने साफ कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन का बंधन अब तक समाप्त नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि बैठक में अनुकंपा नियुक्ति, स्वास्थ्य बीमा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की अनिवार्यता खत्म करने, नव नियुक्त कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने और 2019 से कोर्ट के आदेश के अनुसार लाभ लागू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
इसके साथ ही शिक्षकों की पात्रता परीक्षा, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महंगाई राहत और केंद्रीय दरों के अनुसार सुविधाएं देने जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे।
कर्मचारियों ने यह भी मांग उठाई कि स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाए और कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान बेहतर इलाज और आर्थिक सुरक्षा का लाभ मिले।
बैठक में यह सहमति बनी कि यदि जल्द ही इन मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिससे आने वाले समय में सरकार और कर्मचारी संघ के बीच टकराव बढ़ सकता है।

