लखनऊ। राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर चल रही सियासी बहस के बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यदि वे इस मुद्दे पर खुलकर सच बोलेंगे, तो विवाद में फंस सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग बेहद ताकतवर हैं, इसलिए फिलहाल वह इस विषय पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वह इस मामले में विस्तार से बोलने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर उन्होंने अपनी पूरी बात रख दी, तो कई लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उचित समय आने पर वह अपनी बात सार्वजनिक कर सकते हैं।
पूर्व सांसद का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
इसी दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने नीट पेपर लीक मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करते हुए कहा कि केवल मंत्री के इस्तीफा देने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उनके मुताबिक, इस तरह की घटनाओं के पीछे एक पूरा तंत्र काम करता है और जब तक जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
दरअसल, राम मंदिर चढ़ावे को लेकर विवाद तब गहराया, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सार्वजनिक तौर पर इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने दावा किया था कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी करोड़ों रुपये की राशि को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा था कि यह विषय केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा मामला है। उन्होंने न्यायपालिका से स्वतः संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है, तो सच्चाई सामने आनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
राम मंदिर चढ़ावे को लेकर उठे इन सवालों और उस पर बृजभूषण शरण सिंह के बयान ने प्रदेश की राजनीति को और गर्मा दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस पूरे विवाद पर आगे क्या नया घटनाक्रम सामने आता है और संबंधित पक्षों की ओर से क्या प्रतिक्रिया दी जाती है।

