बहुजन समाज पार्टी के अंदर इन दिनों हलचल तेज हो गई है, जहां बुलंदशहर से जुड़े एक वायरल पत्र ने सियासी माहौल गरमा दिया है, लेकिन अब पार्टी सुप्रीमो मायावती ने खुद सामने आकर इस पूरे मामले पर बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया है कि यह पत्र पूरी तरह फर्जी है और इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।
मायावती ने सोशल मीडिया के जरिए स्पष्ट किया कि जिन नेताओं के निष्कासन को लेकर पत्र वायरल हो रहा है, वह जाली लेटरपैड पर जारी किया गया है और उस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए, उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि ऐसी अपुष्ट और भ्रामक खबरों से बचें और किसी भी सूचना को प्रसारित करने से पहले उसका सत्यापन जरूर करें।
दरअसल, बुलंदशहर जिला इकाई के नाम से एक पत्र सामने आया था, जिसमें धर्मवीर सिंह अशोक को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित करने की बात कही गई थी, इस पत्र में यह भी दावा किया गया था कि कई बार चेतावनी के बावजूद उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते कार्रवाई की गई।
लेकिन मायावती ने साफ कर दिया है कि यह पूरा पत्र फर्जी है और पार्टी की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं की गई है, ऐसे में अब इस मामले ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पार्टी के नाम पर फर्जी दस्तावेज जारी करने के पीछे कौन है और इसका मकसद क्या है।

