भोपाल/खरगोन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने एक बार फिर अपने वादे को जमीन पर उतारते हुए अचानक खरगोन जिले के कतरगांव स्थित गेहूं खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसानों से सीधा संवाद किया।
सीएम ने मौके पर पहुंचकर किसानों के साथ चाय पी, उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए, जिससे यह साफ संदेश गया कि सरकार किसानों की सुविधाओं को लेकर गंभीर है।
दरअसल एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने कहा था कि वे किसी भी उपार्जन केंद्र का आकस्मिक दौरा कर सकते हैं, और अगले ही दिन उन्होंने इसे सच कर दिखाया, जिससे प्रशासन में भी हलचल मच गई।
सरकार की ओर से खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, बैठने की व्यवस्था, तौल कांटे, बारदाना, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर और गुणवत्ता जांच उपकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि उपज बेचने में किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
इसके साथ ही सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा को 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है और सूखे व क्षतिग्रस्त दानों की सीमा में भी इजाफा किया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसानों को राहत मिल सके।
प्रदेश में अब तक लाखों किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक किए हैं और बड़ी मात्रा में खरीदी भी की जा चुकी है, वहीं इस साल सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो किसानों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

