भोपाल। देशभर के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी 21 जून को आयोजित होने वाली Re-NEET परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। खासतौर पर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए जिला स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कहा कि नीट परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था सुचारू रखी जाए और पुलिस प्रशासन विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाए।
सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला स्तर पर सोशल मीडिया की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। यदि किसी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह सामने आती है, तो प्रशासन तत्काल उसका खंडन करते हुए सही जानकारी लोगों तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को लेकर किसी भी तरह की गलत जानकारी से छात्रों में भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होने दी जाएगी।
प्रदेश में Re-NEET परीक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि मध्य प्रदेश के 30 जिलों में कुल 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 57 परीक्षा केंद्र इंदौर जिले में स्थापित किए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पेयजल, बैठने की उचित व्यवस्था और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा देने आने वाले छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मध्य प्रदेश दौरे की तैयारियों की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अनुपम राजन और शिव शेखर शुक्ला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिलों के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा को लेकर भी अहम बातें कहीं। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें जिलेवार विकास कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री अपने संबोधन के दौरान जिले की उपलब्धियों और विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेंगे। इसके पहले मुख्यमंत्री का राज्य स्तरीय संदेश सभी जिलों में प्रसारित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर संचालित विकास और जनकल्याण गतिविधियों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रत्येक जिले की विकास पुस्तिका तैयार की जाएगी, जिसमें उस जिले की उपलब्धियों और प्रगति को विस्तार से दर्ज किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों को अभी से तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

