लखनऊ. उत्तर प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी है। दक्षिणी राजस्थान से आई तेज पुरवा हवाओं के कारण प्रदेश के कई जिलों में 100 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा रफ्तार से आंधी चली, जिसने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। पेड़, बिजली के खंभे, दीवारें और टीनशेड गिरने से अब तक 96 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
भदोही, फतेहपुर, सोनभद्र, बदायूं, प्रयागराज, मिर्जापुर और कई अन्य जिलों में तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई। बताया जा रहा है कि भदोही में 18 लोगों की मौत हुई, जबकि प्रयागराज में 17 लोगों ने जान गंवाई। मिर्जापुर में 15, फतेहपुर में 10 और उन्नाव व बदायूं में 6-6 लोगों की मौत की खबर है। इसके अलावा प्रतापगढ़, बरेली, रायबरेली, सीतापुर, चंदौली, हरदोई, संभल और कई जिलों में भी लोगों की जान गई है।
इस भीषण आपदा को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सरकार से तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की। अखिलेश यादव ने कहा कि घायलों के बेहतर मुफ्त इलाज की व्यवस्था हो, प्रभावित लोगों को खाना-पानी और अस्थायी रहने की सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने सरकार से मृतकों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार, फसल और संपत्ति के नुकसान का आकलन कर बीमा राशि और मुआवजे की घोषणा करने की भी मांग की। साथ ही सपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें।
तूफान के बाद कई इलाकों में बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। जगह-जगह सड़कें बंद हैं और पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन कई जिलों में हालात अब भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

