लखनऊ.योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख Om Prakash Rajbhar ने समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav पर जोरदार हमला बोला है। ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव का हाल देखकर लगता है कि वह ठीक नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनसे सवाल पूछा जाता है तो वह जवाब देने के बजाय साधु-संतों को गाली देने लगते हैं। राजभर ने कहा कि उनकी सलाह है कि अखिलेश यादव और उनके समर्थक साधु-संतों पर टिप्पणी करना बंद करें, नहीं तो आगे और बड़ी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
ओपी राजभर ने पुराने मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि अब जबकि अखिलेश यादव विपक्ष में हैं और उनके पास समय है, तो उन्हें 2013 के उस विवाद का सच भी जनता के सामने रखना चाहिए, जिसमें उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति की गई थी जिस पर गंभीर आपराधिक आरोप थे। उन्होंने दावा किया कि उस नियुक्ति को बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध, मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 316 का उल्लंघन बताया था।
राजभर ने अखिलेश सरकार पर नियुक्तियों में पक्षपात और गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौर में ऐसा फार्मूला अपनाया गया कि 86 में से 56 यादव SDM बन गए। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह कैसे संभव हुआ और इसका “सीक्रेट” क्या था।
ओपी राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर ऐसा कोई फार्मूला था, तो उसे राजभर, निषाद, बिंद, मल्लाह, कश्यप, मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी और अन्य पिछड़ी तथा बहुजन जातियों के युवाओं को भी बताया जाए, ताकि वे भी बड़े पदों तक पहुंच सकें।
अपने बयान के अंत में ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “PDA” का मतलब अब “पार्टी ऑफ डिंपल एंड अखिलेश” बन गया है और समाजवादी पार्टी को केवल एक ही जाति की राजनीति से बाहर निकलना चाहिए।

