लखनऊ. समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने पुरुष और महिला अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। वकीलों के समर्थन में खुला संदेश जारी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग अपने अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष करते हैं, वही समाज में सबसे ज्यादा सम्मान पाते हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित अधिवक्ताओं से मुलाकात के बाद उन्हें उनके दर्द, प्रताड़ना और अन्याय की पूरी जानकारी मिली है और समाजवादी पार्टी हर संघर्षरत वकील के साथ मजबूती से खड़ी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी अधिवक्ता के लिए उसका चैंबर किसी मंदिर से कम नहीं होता। वहीं से वह न्याय की लड़ाई लड़ता है, अपने परिवार का पालन-पोषण करता है और सामाजिक जिम्मेदारियां निभाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लखनऊ में भाजपा सरकार की लाठियां सिर्फ पुरुष और महिला वकीलों पर ही नहीं चलीं, बल्कि उनके सम्मान और आत्मसम्मान पर भी हमला किया गया।
सपा प्रमुख ने कहा कि बुलडोजर केवल चैंबरों पर नहीं चला, बल्कि वकीलों की रोज़ी-रोटी पर चलाया गया है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर अधिवक्ताओं ने ठान लिया, तो वे भाजपा नेताओं और उनके सहयोगियों के वैध और अवैध मामलों का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल सकते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि अगर वकीलों ने बहिष्कार कर दिया तो भाजपा नेताओं को अदालत में केस लड़ने के लिए वकील तक नहीं मिलेंगे।
अखिलेश यादव ने भाजपा को “न्याय विरोधी” बताते हुए कहा कि यही वजह है कि सरकार हमेशा न्याय के लिए संघर्ष करने वालों के खिलाफ खड़ी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हर पीड़ित अधिवक्ता के साथ खड़ी थी, खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी। साथ ही उन्होंने अपने पीडीए फॉर्मूले का जिक्र करते हुए कहा कि “पीड़ा बढ़ रही है, इसलिए पीडीए भी बढ़ रहा है।”

