सिंगरौली। मध्यप्रदेश के श्रम विभाग में बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। विकलांग सर्टिफिकेट के आधार पर सरकारी नौकरी पाने को लेकर विवादों में रहे श्रम निरीक्षक Navneet Kumar Pandey की सेवा सरकार ने समाप्त कर दी है। बताया जा रहा है कि उनकी नियुक्ति को लेकर मामला हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था, जिसके बाद अब यह कार्रवाई की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद श्रम आयुक्त इंदौर संदीप जीआर द्वारा आदेश जारी कर नवनीत कुमार पांडेय को पद से पृथक कर दिया गया। आदेश में यह भी कहा गया है कि उन्हें अब तक मिला वेतन और अन्य शासकीय लाभों की रिकवरी भी की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक नवनीत कुमार पांडेय पहले रीवा जिले में पदस्थ रहे थे। बाद में उनका तबादला सीधी, कटनी समेत कई जिलों में किया गया। करीब दो साल पहले उन्हें फिर से सिंगरौली में पदस्थ किया गया था।
अब सेवा समाप्ति और रिकवरी के आदेश के बाद श्रम विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

