सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने हर किसी को फिल्म ‘3 इडियट्स’ की याद दिला दी। सरदार वल्लभभाई पटेल जिला अस्पताल में उस समय हैरानी भरा नजारा देखने को मिला, जब एक युवक अपने बीमार परिजन को लेने के लिए बाइक चलाते हुए सीधे अस्पताल की पहली मंजिल तक पहुंच गया। इतना ही नहीं, वह आइसोलेशन वार्ड के गेट तक बाइक लेकर पहुंच गया, जिसे देखकर अस्पताल कर्मचारी और वहां मौजूद लोग दंग रह गए।
पहली नजर में यह मामला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक जैसा दिखाई दिया, लेकिन जब पूरी सच्चाई सामने आई तो कहानी कुछ और ही निकली। जानकारी के मुताबिक सीताराम सोनी नाम का युवक अपने परिजन अंजनी सोनी को लेने अस्पताल पहुंचा था। अंजनी सोनी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे और डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया था।
परिजनों का आरोप है कि मरीज को वार्ड से नीचे लाने के लिए समय पर स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। काफी देर तक इंतजार और प्रयास के बाद भी जब कोई व्यवस्था नहीं हुई तो परेशान युवक ने खुद ही रास्ता निकालने की कोशिश की और बाइक लेकर अस्पताल के भीतर पहली मंजिल तक पहुंच गया।
बताया जा रहा है कि युवक मरीज को बाइक पर बैठाकर नीचे ले जाना चाहता था, लेकिन मरीज की हालत ऐसी नहीं थी कि वह बाइक पर बैठ सके। मरीज ने बाइक पर जाने से मना कर दिया, जिसके बाद युवक वापस लौट आया। इस दौरान अस्पताल के भीतर बाइक पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
मामले की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने हस्तक्षेप किया। जांच में सामने आया कि युवक का उद्देश्य कोई हंगामा करना नहीं था, बल्कि वह अपने घायल परिजन को समय पर रीवा पहुंचाने की चिंता में ऐसा कदम उठा बैठा। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत स्ट्रेचर की व्यवस्था कराई और मरीज को एम्बुलेंस के जरिए सुरक्षित रीवा भेजा गया।
जानकारी के अनुसार अंजनी सोनी घोड़े की लात लगने से घायल हुए थे और उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में मरीजों को समय पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग इसे अस्पताल में ‘3 इडियट्स रीलोडेड’ का सीन बता रहे हैं।

