इंदौर। देशभर में चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को लेकर अब फैसला मेघालय हाई कोर्ट के हाथ में है। 3 जून को होने वाली महत्वपूर्ण सुनवाई में यह तय हो सकता है कि सोनम जमानत पर बाहर रहेगी या फिर उसे दोबारा जेल जाना पड़ेगा। इस हाई-प्रोफाइल केस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
दरअसल, मेघालय सरकार ने सोनम रघुवंशी को निचली अदालत से मिली जमानत को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। राज्य सरकार का कहना है कि यह एक गंभीर आपराधिक मामला है और आरोपी को जमानत मिलने से जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। सरकार ने अदालत से जमानत रद्द करने की मांग करते हुए कहा है कि मामले के सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आदेश पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि सोनम रघुवंशी को 27 अप्रैल को शिलॉन्ग की निचली अदालत से जमानत मिली थी। अदालत ने अपने आदेश में माना था कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी, जिसे एक गंभीर प्रक्रिया संबंधी कमी माना गया। इसी आधार पर अदालत ने राहत देते हुए जमानत मंजूर की थी।
हालांकि जमानत मिलने के तुरंत बाद मेघालय सरकार ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दे दी। सरकार का दावा है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया था और निचली अदालत ने उपलब्ध तथ्यों की गलत व्याख्या करते हुए जमानत प्रदान कर दी। सरकार का यह भी कहना है कि आरोपी के बाहर रहने से गवाहों और ट्रायल की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
अब 3 जून को होने वाली सुनवाई में बचाव पक्ष अपनी दलीलें अदालत के सामने रखेगा। इसके बाद हाई कोर्ट दोनों पक्षों की बात सुनकर फैसला करेगा कि सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रहेगी या उसे निरस्त कर दिया जाएगा।
राजा रघुवंशी हत्याकांड पहले से ही देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में हाई कोर्ट का यह फैसला इस मामले की दिशा और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर बड़ा असर डाल सकता है। अब सभी की निगाहें 3 जून की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां सोनम रघुवंशी की किस्मत का फैसला होने की संभावना है।

