ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से मानव तस्करी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। राजगढ़ से लापता हुई 17 वर्षीय किशोरी को ग्वालियर और राजगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बंद मकान से सकुशल बरामद किया। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो जो दृश्य सामने आया, उसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। किशोरी बंधी हुई हालत में मिली और बताया जा रहा है कि वह पिछले तीन दिनों से भूखी-प्यासी कमरे में कैद थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि किशोरी को उसके कथित बॉयफ्रेंड बंटी कंजर ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोप है कि वह उसे राजगढ़ से ग्वालियर लेकर आया और यहां मानव तस्करी से जुड़े लोगों को करीब 2 लाख रुपये में बेच दिया। किशोरी 29 मई से लापता थी और परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था।
बताया जा रहा है कि किशोरी को खरीदने के बाद आरोपियों ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, खाना-पानी तक नहीं दिया गया और उसके साथ गंभीर अपराध किए जाने की भी आशंका जताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
राजगढ़ पुलिस मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर ग्वालियर पहुंची थी। ग्वालियर पुलिस के सहयोग से बदनापुरा इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दौरान एक मकान के बाहर संदिग्ध हालात में ताला लगा मिला। शक होने पर पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां किशोरी गंभीर हालत में मिली।
पुलिस के अनुसार दबिश की भनक लगते ही मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी मकान को बाहर से बंद कर फरार हो गए। फिलहाल उनकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। किशोरी को मेडिकल जांच और काउंसलिंग के लिए भेजा गया है, ताकि उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति का आकलन किया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर ग्वालियर के बदनापुरा और रेशमपुरा जैसे इलाकों को चर्चा में ला दिया है, जहां पहले भी इस तरह की गतिविधियों के आरोप लगते रहे हैं। पुलिस का दावा है कि इस मामले से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच तेजी से जारी है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रही है।

