जबलपुर। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड यानी MPESB एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला सीधे हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि बोर्ड ने अपनी परीक्षा की तारीख ऐसे दिन तय कर दी है, जिस दिन पहले से ही राष्ट्रीय स्तर की एक महत्वपूर्ण परीक्षा आयोजित हो रही है। दोनों परीक्षाएं एक ही दिन होने से छात्रों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।
दरअसल, आगामी 6 जून को मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षा और नेशनल एंट्रेंस स्क्रीनिंग टेस्ट यानी NEST का आयोजन एक साथ होने जा रहा है। दोनों परीक्षाओं का समय लगभग एक जैसा होने के कारण अभ्यर्थी असमंजस में हैं कि वे किस परीक्षा में शामिल हों और किसे छोड़ दें।
छात्रों का कहना है कि NEST परीक्षा की तारीख काफी पहले घोषित कर दी गई थी। उनका आरोप है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा का शेड्यूल पहले से सार्वजनिक होने के बावजूद MPESB ने उसी दिन अपनी परीक्षा रख दी, जिससे हजारों छात्रों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस फैसले को लेकर युवाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मामले को लेकर जबलपुर की एक छात्रा ने कर्मचारी चयन बोर्ड को पत्र लिखकर परीक्षा की तारीख बदलने की मांग की है। पत्र में वनरक्षक, जेल प्रहरी और क्षेत्र रक्षक भर्ती परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया है, ताकि अभ्यर्थी दोनों परीक्षाओं में शामिल हो सकें और उनकी तैयारी व्यर्थ न जाए।
छात्रों का कहना है कि उन्होंने दोनों परीक्षाओं के लिए महीनों तक मेहनत की है। कई अभ्यर्थियों ने कोचिंग, आवेदन शुल्क और तैयारी पर काफी समय और पैसा खर्च किया है। अब तारीखों के टकराव के कारण उन्हें मजबूरी में किसी एक परीक्षा का चयन करना पड़ रहा है, जिससे उनका करियर प्रभावित हो सकता है।
इस पूरे मामले को लेकर प्रदेशभर के अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। छात्रों का कहना है कि यदि परीक्षा की तारीख में बदलाव नहीं किया गया तो हजारों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर सकता है। अब सभी की नजरें कर्मचारी चयन बोर्ड के अगले फैसले पर टिकी हैं कि वह छात्रों की इस मांग पर क्या कदम उठाता है।

