MP में उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव! नैक की तर्ज पर बनेगी राज्य परिषद, सीएम मोहन यादव बोले- आने वाला साल होगा ‘युवा वर्ष’

भोपाल। मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद यानी नैक की तर्ज पर राज्य स्तर पर ‘स्टेट असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल’ यानी सैक का गठन किया जाएगा। इसके जरिए प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता का मूल्यांकन और सुधार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस दिशा में जल्द कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में नए महाविद्यालय खोले जाएंगे। साथ ही 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग की बेहतर व्यवस्था की जाएगी ताकि वे अपनी रुचि और रोजगार की संभावनाओं के अनुसार सही पाठ्यक्रम चुन सकें। उन्होंने सुझाव दिया कि पार्ट टाइम कॉलेजों को सुबह और शाम की शिफ्ट में भी संचालित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर, कृषि विज्ञान और अन्य व्यावसायिक विषयों के अध्ययन के लिए कॉलेजों में आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने कृषि पाठ्यक्रमों से 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की उपलब्धि पर उच्च शिक्षा विभाग को बधाई भी दी। वहीं इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए शुरू किए जाने को भी महत्वपूर्ण पहल बताया।

प्रदेश में शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 384 शोध केंद्र संचालित हैं और पिछले वर्ष 83 नए शोध केंद्र शुरू किए गए। आने वाले समय में 100 नए शोध केंद्र स्थापित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सकल नामांकन अनुपात यानी जीईआर में भी मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश के 10 संभागीय मुख्यालयों पर डिजिटल स्टूडियो शुरू किए गए हैं। वहीं 618 उच्च शिक्षण संस्थानों को ‘वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन’ पोर्टल से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा 55 शासकीय महाविद्यालयों को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाला वर्ष ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा और सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को बेहतर शिक्षा, शोध, तकनीकी ज्ञान और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि मध्य प्रदेश देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन सके।

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