हरित विकास के साथ दौड़ेगा मध्य प्रदेश: सड़क निर्माण के बदले लगाए जाएंगे 80 हजार पौधे, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश में विकास की नई तस्वीर अब सिर्फ चौड़ी सड़कों और आधुनिक परिवहन नेटवर्क तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बराबर महत्व दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाते हुए हरित विकास के मॉडल पर तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी सोच के तहत राजधानी भोपाल की अयोध्या बायपास परियोजना को विकास और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा उदाहरण बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अयोध्या बायपास परियोजना के निर्माण के दौरान जितने पेड़ों की कटाई होगी, उससे कई गुना अधिक पौधे लगाए जाएंगे। परियोजना के मार्ग में आने वाले 7 हजार 871 पेड़ों के बदले प्रदेश में करीब 80 हजार पौधे रोपे जाएंगे। इनमें से 10 हजार पौधे केवल अयोध्या बायपास के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट विकसित करने के लिए लगाए जाएंगे, ताकि सड़क के साथ-साथ हरियाली भी बढ़ सके।

सरकार ने केवल पौधारोपण तक ही अपनी योजना सीमित नहीं रखी है, बल्कि पौधों के संरक्षण और रखरखाव के लिए भी व्यापक व्यवस्था की गई है। अक्सर पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल नहीं होने की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। इन सभी पौधों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI को अगले 15 वर्षों तक सौंपी गई है।

पौधों के बेहतर विकास और संरक्षण के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान भी किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लगाए गए पौधे केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि आने वाले वर्षों में मजबूत और घने वृक्षों के रूप में विकसित हों।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आधुनिक अधोसंरचना निर्माण और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हो सकते हैं। यदि सही योजना और इच्छाशक्ति के साथ काम किया जाए तो विकास और प्रकृति दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और NHAI के सहयोग से मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़क परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा, उद्योगों का विस्तार होगा और पर्यटन क्षेत्र को भी नई उड़ान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन नेटवर्क के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पूरी परियोजना की नियमित निगरानी कर रही है ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लक्ष्य एक साथ पूरे किए जा सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *