राज्यसभा चुनाव में बढ़ा सस्पेंस: बीजेपी प्रत्याशियों ने भरा नामांकन, तीसरी सीट को लेकर अटकलें तेज

भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने आज अपना नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले को नई दिशा दे दी। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर चल रही है, जिस पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है।

नामांकन से पहले दोनों उम्मीदवार भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत की। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं के साथ विधानसभा पहुंचकर उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष अपना नामांकन पत्र जमा किया।

इस दौरान भाजपा का पूरा शीर्ष नेतृत्व एकजुट दिखाई दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा, कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल सहित कई मंत्री, विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी नामांकन प्रक्रिया में मौजूद रहे। दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों पर नियमानुसार दस-दस विधायक प्रस्तावक के रूप में शामिल हुए।

हालांकि नामांकन से ज्यादा चर्चा तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर हो रही है। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो भाजपा अभी भी तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो राज्यसभा चुनाव का मुकाबला बेहद रोचक हो सकता है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा की नजर कांग्रेस के हिस्से वाली सीट पर है, जहां कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। माना जा रहा है कि यदि भाजपा तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं और कांग्रेस के लिए चुनौती बढ़ सकती है।

इधर कांग्रेस के भीतर भी असंतोष और अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में तीसरे उम्मीदवार की एंट्री कांग्रेस नेतृत्व के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के सामने अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने की चुनौती और बढ़ सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम पर लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों को जमीनी और संगठन के लिए समर्पित नेता बताते हुए उनकी जीत का भरोसा जताया। वहीं कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह उनका आंतरिक मामला है।

जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या भाजपा तीसरी सीट पर भी चुनाव लड़ने जा रही है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “किसने कहा कि हम लड़ रहे हैं और किसने कहा कि हम नहीं लड़ रहे हैं? थोड़ा इंतजार कीजिए।”

राकेश सिंह के इस बयान के बाद सियासी अटकलें और तेज हो गई हैं। फिलहाल भाजपा ने अपने पत्ते पूरी तरह नहीं खोले हैं, लेकिन इतना जरूर है कि राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की राजनीति में रोमांच और सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है।

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