इंदौर। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। खास तौर पर तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच इंदौर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान जब मुख्यमंत्री से तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बेहद आत्मविश्वास भरे अंदाज में जवाब दिया, “तीसरी सीट आएगी नहीं तो जाएगी कहां?” मुख्यमंत्री का यह बयान भले ही हल्के-फुल्के अंदाज में दिया गया हो, लेकिन इसके राजनीतिक संकेतों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
डॉ. मोहन यादव के इस बयान को भाजपा के बढ़े हुए आत्मविश्वास के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि भाजपा राज्यसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है और पार्टी अपने विधायकों तथा संगठनात्मक ताकत पर भरोसा जता रही है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा किसी भी चुनौती को लेकर चिंतित नहीं है और चुनावी गणित उसके पक्ष में मजबूत दिखाई देता है।
राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भाजपा तीसरी सीट पर भी कोई बड़ा दांव चल सकती है या फिर चुनाव में कोई नया राजनीतिक समीकरण सामने आएगा। मुख्यमंत्री के बयान ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।
वहीं दूसरी ओर विपक्ष भी अपने संख्या बल और राजनीतिक समीकरणों के आधार पर संभावनाएं तलाशने में जुटा हुआ है। कांग्रेस लगातार दावा कर रही है कि उसके पास आवश्यक समर्थन मौजूद है, जबकि भाजपा की ओर से आ रहे आत्मविश्वास भरे बयानों ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
अब मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस बयान के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में भाजपा अपने पत्ते कैसे खोलती है और तीसरी सीट को लेकर क्या रणनीति अपनाती है, इस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।

