खंडवा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। खंडवा में आयोजित जिला स्तरीय योग कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए तीखी टिप्पणी की। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
खंडवा की पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए। इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री विजय शाह ने कहा कि एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है और यदि सड़ी हुई मछली को समय रहते तालाब से बाहर कर दिया जाए तो पानी को स्वच्छ होने से कोई नहीं रोक सकता। उनके इस बयान को पश्चिम बंगाल की राजनीति और वहां के नेतृत्व पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।
अपने संबोधन के दौरान विजय शाह ने बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर, रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद जैसी महान विभूतियों की धरती बंगाल कभी पूरे देश के लिए गौरव का विषय रही है। बंगाल ने देश को साहित्य, आध्यात्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मंत्री शाह ने कहा कि समय के साथ परिस्थितियां बदली हैं और आज बंगाल को लेकर अलग तरह की चर्चाएं सुनने को मिलती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि बंगाल एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान और गौरव को हासिल करेगा तथा देश के विकास और सांस्कृतिक चेतना में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में योग के महत्व पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस दौरान विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
विजय शाह के इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। उनके बयान को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो रही है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

