लखनऊ. लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी इमारत के बेसमेंट में कोचिंग संस्थान संचालित नहीं किए जा सकेंगे। इसके साथ ही बेसमेंट में अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सरकार ने प्रदेशभर के कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण और सुरक्षा मानकों की जांच पर विशेष जोर दिया है।
प्रदेशभर में चलेगा फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में मिशन मोड पर फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए। अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेजों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की जाएगी। सरकार का उद्देश्य भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कैसे हुआ हादसा, जानिए पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजकर 15 मिनट पर अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित एक चार मंजिला कॉम्प्लेक्स में आग लगने की सूचना मिली। शुरुआत में स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। करीब 2 बजकर 30 मिनट पर फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर दमकल की पहली गाड़ी मौके पर पहुंची। आग की गंभीरता को देखते हुए बाद में कुल 13 दमकल वाहनों को बुलाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद शाम करीब 6 बजकर 30 मिनट पर आग पर काबू पाने की जानकारी दी गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत की खबर सामने आई, जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई, तीन लोगों पर शिकंजा
हादसे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले से जुड़े मुख्य आरोपियों के खिलाफ कदम उठाए हैं। पुलिस ने वीरेंद्र शुक्ला और तुशांक कृष्ण जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि रामकृष्ण उपाध्याय से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चार अधिकारियों पर भी गिरी गाज
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चार अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश भी दिए हैं। सरकार का कहना है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

