वीर भारत न्यास विवाद पर सियासत तेज! रामेश्वर शर्मा का जीतू पटवारी पर तंज, बोले- दिग्विजय सिंह ने खोल दी आंखें

भोपाल। मध्य प्रदेश में वीर भारत न्यास को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब और गहरा गया है। कांग्रेस के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के अलग-अलग बयानों के बीच भाजपा ने भी हमला तेज कर दिया है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस पूरे विवाद पर कांग्रेस को घेरते हुए जीतू पटवारी पर तीखा तंज कसा है।

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह प्रदेश के 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं और उन्हें सरकारी दस्तावेजों व प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी है। उनके मुताबिक दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि वीर भारत न्यास एक शासकीय न्यास है। ऐसे में जीतू पटवारी को बिना तथ्यों के आरोप लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों के आधार पर बात करना ही जिम्मेदार राजनीति की पहचान है।

भाजपा विधायक ने दावा किया कि दिग्विजय सिंह के बयान के बाद जीतू पटवारी के आरोप खुद ही कमजोर पड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए किसी पर भी आरोप लगाना उचित नहीं है और इस तरह की बयानबाजी से जनता भ्रमित होती है।

इसी दौरान रामेश्वर शर्मा ने भोपाल में जर्जर मकानों के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने ऐसे मकानों में रहने वाले लोगों से अपील की कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और तुरंत उन भवनों को खाली कर दें। साथ ही उन्होंने नागरिकों से कहा कि यदि कहीं जर्जर मकान दिखाई दें तो उसकी जानकारी नगर निगम और जिला प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के लापता होने संबंधी पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि चाहे कमलनाथ सक्रिय रहें या नहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार पूरे प्रदेश, विशेषकर छिंदवाड़ा के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि भाजपा अपने राजनीतिक विरोधियों का भी सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ एक वरिष्ठ नेता हैं और भाजपा उनका सम्मान करती है। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनकी पार्टी किसी वरिष्ठ नेता का अपमान करने की राजनीति में विश्वास नहीं रखती।

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