शहडोल। शहडोल जिले से बीजेपी संगठन की राजनीति से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नेता को रात में जिला उपाध्यक्ष बनाया गया और सुबह होते ही उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई। नगर परिषद बकहो के पार्षद पति और भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता सरोज यादव का आरोप है कि प्रभावशाली नेताओं के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से उन्हें पद से हटाया गया।
मामला बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला पदाधिकारियों की घोषणा से जुड़ा है। 5 जुलाई की रात जारी 30 सदस्यीय सूची में सरोज यादव का नाम तीसरे क्रम पर जिला उपाध्यक्ष के रूप में शामिल किया गया था। लेकिन अगले ही दिन सुबह संगठन की ओर से संशोधित सूची जारी हुई, जिसमें उनका नाम पूरी तरह गायब था।
सबसे हैरानी की बात यह रही कि नई सूची में बाकी सभी पदाधिकारी पहले जैसे ही बने रहे, सिर्फ सरोज यादव का नाम हटा दिया गया। इतना ही नहीं, 30 सदस्यों की जगह 29 पदाधिकारियों की नई सूची जारी कर दी गई। इस अचानक हुए बदलाव के बाद संगठन के भीतर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सरोज यादव का आरोप है कि उन्होंने अपने वार्ड में एक ठेकेदार नेता द्वारा कराए जा रहे कथित घटिया निर्माण कार्य का विरोध किया था। इसके अलावा एक प्रभावशाली नेता से जुड़े बिजली पोल के मामले में भी उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि इन्हीं मुद्दों पर आवाज उठाना उन्हें भारी पड़ गया।
सरोज यादव का दावा है कि संगठन में रसूखदार नेताओं के हितों के खिलाफ बोलने की सजा उन्हें पद से हटाकर दी गई। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह घटनाक्रम जिले की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।

