मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शाजापुर जिले के कालापीपल को 30 करोड़ 86 लाख रुपये के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन और ‘हरा-भरा कालापीपल’ पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। इससे पहले हुए रोड शो में लोगों ने मुख्यमंत्री का फूल बरसाकर स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने नई सड़कों और रेलवे ओवरब्रिज की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में इसी महीने समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे, क्योंकि देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कालापीपल और शाजापुर की धरती प्रकृति और कृषि दोनों के लिहाज से बेहद समृद्ध है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को कई नदियों का आशीर्वाद मिला है और यहां की भूमि प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने किसानों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि किसान खुशहाल होगा तो प्रदेश भी खुशहाल होगा।
डॉ. मोहन यादव ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कहा कि अब खेती के लिए एक साल की अवधि का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे हर छह महीने ब्याज चुकाने की परेशानी खत्म होगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी लागत कम करने के लिए लगातार काम कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान सम्मान निधि समेत कई योजनाएं किसानों को मजबूत बना रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले शाजापुर जैसे इलाकों तक नर्मदा का पानी पहुंचने की कोई कल्पना नहीं की जाती थी, लेकिन आज 118 गांवों तक नर्मदा जल पहुंच चुका है और बाकी गांवों तक भी पानी पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सिंचाई का दायरा लगातार बढ़ाया है और सूखे खेतों को पानी देकर उन्हें सोना उगलने वाली जमीन में बदलने का काम किया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा पहले बहुत सीमित था, लेकिन अब लाखों हेक्टेयर तक इसका विस्तार हो चुका है। किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम चल रहा है ताकि रात में सिंचाई की जरूरत कम हो सके। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के सम्मान और समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है और उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पेप्सिको जैसी बड़ी कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं और किसानों से सीधे कृषि उत्पाद खरीदेंगी, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।
महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने बहनों के खातों में अब तक हजारों करोड़ रुपये की सहायता राशि पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समान नागरिक संहिता पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून उचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए और इसी उद्देश्य से राज्य सरकार इसी महीने विधानसभा में यूसीसी लागू करने का प्रयास करेगी।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, युवाओं, महिलाओं और कर्मचारियों के हित में लगातार फैसले ले रही है। पदोन्नति, भर्ती, निवेश, सिंचाई और विकास कार्यों के जरिए मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।

