मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर स्थित आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ वननेस’ को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। प्रतिमा के मुख्य पिलर में कथित तकनीकी खामी और उसके एक तरफ झुकने की चर्चा ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। इस मामले की शिकायत केंद्रीय जांच एजेंसी CBI तक पहुंचने की भी चर्चा है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के मुताबिक प्रतिमा के मुख्य पिलर के स्ट्रेस रेशियो को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह रेशियो निर्धारित सीमा से ऊपर पहुंच गया है, जिससे पिलर पर पड़ने वाले दबाव को लेकर तकनीकी चिंताएं बढ़ गई हैं। यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो यह निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर सकता है।
आदिगुरु शंकराचार्य की इस भव्य प्रतिमा के निर्माण पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि पूरे एकात्मधाम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 2300 करोड़ रुपये बताई जाती है। इतने बड़े बजट की परियोजना में कथित तकनीकी खामियों की चर्चा सामने आने के बाद पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्रतिमा के निर्माण के समय दावा किया गया था कि इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह 140 से 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं का भी सामना कर सकेगी। लेकिन अब सामने आ रहे दावों में कहा जा रहा है कि पिलर की स्थिति को लेकर तकनीकी चिंताएं पैदा हुई हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।
फिलहाल इस पूरे मामले में संबंधित एजेंसियों या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि तकनीकी जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और शिकायतों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

