सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में मलूक पीठाधीश्वर एवं अग्रपीठाधीश्वर स्वामी डॉ. राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज के एक दिवसीय प्रवास को लेकर श्रद्धालुओं में सुबह से ही उत्साह देखने को मिला। ग्राम सानोंधा से शुरू हुई उनकी शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां जगह-जगह भक्तों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन अजब श्री सेवा समिति, अजब धाम और मलूक पीठ परिवार द्वारा किया गया, जिसमें महंत श्री राम अनुग्रह दास महाराज, जिन्हें छोटे सरकार के नाम से भी जाना जाता है, का भी सानिध्य भक्तों को प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का सबसे खास पहलू यह रहा कि 200 से अधिक श्रद्धालुओं ने गुरु दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक जीवन की नई शुरुआत का संकल्प लिया।
तिली रोड स्थित रॉयल पैलेस होटल में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए स्वामी राजेंद्र दास ने गौ महिमा पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वैदिक परंपरा में गाय का विशेष महत्व है और गौ एवं गव्य पदार्थों के बिना सनातन संस्कृति की कल्पना अधूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों की जांच चल रही है, उन पर टिप्पणी करना उचित नहीं है और जांच एजेंसियों को अपना काम निष्पक्ष तरीके से करने देना चाहिए।
स्वामी राजेंद्र दास ने समाज को अधिक सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि वर्तमान समय में स्वार्थ और धन के कारण लोगों की सोच बदल रही है, इसलिए धार्मिक और आस्थावान समाज को जागरूक रहने की जरूरत है।
उन्होंने युवाओं को भी संदेश दिया और कहा कि केवल नौकरी के भरोसे जीवन नहीं चल सकता। युवाओं को अपने कौशल, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि धर्म से रहित राजनीति कभी जनकल्याणकारी नहीं हो सकती। यदि राजनीति में नैतिकता और संस्कार नहीं होंगे, तो समाज को उसका नुकसान उठाना पड़ेगा।
सागर में आयोजित इस कार्यक्रम ने न सिर्फ श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया, बल्कि समाज, राजनीति और युवाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश भी दिए।

