भोपाल। मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने छात्रों को आधुनिक तकनीक और रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश के 68 शासकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ‘फिनटेक विथ एआई’ और ‘एआई’ के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। खास बात यह है कि इन कोर्सों के लिए छात्रों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इन पाठ्यक्रमों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार ने IIT दिल्ली का सहयोग लिया है। उच्च शिक्षा विभाग के मुताबिक, इसका उद्देश्य पारंपरिक शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी कौशल और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि वे डिजिटल युग में बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पहले चरण में इस योजना के तहत 1,000 विद्यार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन छात्रों की संभावनाओं को देखते हुए इसे बढ़ाकर 2,000 कर दिया गया है।
यह सुविधा प्रदेश के 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और 13 स्वशासी महाविद्यालयों में उपलब्ध कराई जाएगी। इन कॉलेजों के छात्र अब घर बैठे अत्याधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग हासिल कर सकेंगे।
सरकार का मानना है कि इन कोर्सों को पूरा करने के बाद युवाओं के लिए रोजगार के कई नए रास्ते खुलेंगे। बैंकिंग और डिजिटल वित्तीय सेवाओं से लेकर फिनटेक कंपनियों, आईटी सेक्टर, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में छात्रों को बेहतर करियर के अवसर मिल सकेंगे।
राज्य सरकार का यह कदम न सिर्फ युवाओं को तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें भविष्य की नौकरियों के लिए भी तैयार करेगा। अब देखना होगा कि इस पहल का लाभ उठाकर प्रदेश के युवा किस तरह नई ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं।

