सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एक बार फिर अवैध होर्डिंग्स और बैनरों का मुद्दा सुर्खियों में है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों पर नेताओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न कार्यक्रमों के बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग्स खुलेआम दिखाई दे रहे हैं। इनमें से कई ऐसे हैं, जो सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति लगाए गए प्रतीत होते हैं।
गौरतलब है कि अवैध होर्डिंग्स को लेकर हाईकोर्ट और प्रशासन समय-समय पर सख्त निर्देश जारी कर चुके हैं। हाल ही में हाईकोर्ट ने भी सार्वजनिक स्थलों से ऐसे बैनर और पोस्टर हटाने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद सिंगरौली की तस्वीरें कई सवाल खड़े कर रही हैं।
सबसे हैरानी की बात यह है कि ये होर्डिंग्स जिला मुख्यालय के उन व्यस्त मार्गों पर लगे हैं, जहां से रोजाना प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि गुजरते हैं। लेकिन अब तक इन्हें हटाने के लिए कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बैनर और होर्डिंग्स किसी मंत्री, नेता या विशेष अतिथि के स्वागत के लिए लगाए जाते हैं, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी महीनों तक वहीं लगे रहते हैं। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि नियमों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नियम केवल आम जनता के लिए हैं? क्या हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सिंगरौली जिला प्रशासन अवैध होर्डिंग्स और बैनरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगा, या फिर ये आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे? आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

