धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। इस बार मामला जुम्मे की नमाज को लेकर है। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम निर्देशों के बाद भोजशाला परिसर की बाउंड्री वॉल से सटी एक वैकल्पिक जगह पर नमाज की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा किए जाने की तैयारी की गई है।
कोर्ट के आदेश के बाद धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने देर शाम मौके का निरीक्षण किया और सुरक्षा, बैरिकेडिंग व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन का कहना है कि सभी व्यवस्थाएं न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही हैं।
इधर, देर रात जिला प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच बैठक भी आयोजित की गई, जो करीब रात दो बजे तक चली। बैठक में नमाज और वजू की व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। मुस्लिम पक्ष ने इसे अंतरिम राहत बताते हुए कहा कि मुख्य मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को प्रस्तावित है और समाज के लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश समय पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
हालांकि, मामले ने नया मोड़ तब ले लिया जब सर्वे नंबर 611 की जमीन पर नमाज की व्यवस्था की जानकारी सामने आई। स्थानीय रहवासियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए देर रात विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि संबंधित जमीन उनके परिवार की पुश्तैनी कृषि भूमि है और राजस्व रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज है।
रहवासियों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना और बिना उनकी सहमति के जमीन को नमाज के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी फसल या संपत्ति को नुकसान पहुंचा, तो वे कानूनी कार्रवाई के साथ विरोध प्रदर्शन भी करेंगे।
फिलहाल प्रशासन ने स्थानीय लोगों से जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। अब सभी की नजर 5 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है। क्या इस विवाद का समाधान सहमति से निकलेगा या मामला और आगे बढ़ेगा, इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।

