खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 48 घंटों से जारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जुलाई महीने में जिले में 305 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि औसत कोटा 327 मिमी है। यानी सामान्य बारिश का लक्ष्य लगभग पूरा हो चुका है। पिछले 24 घंटे में जिले में 74.4 मिमी और अकेले खंडवा शहर में 128 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं, कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
बारिश के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। अब तक जिले में 415 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले साल की इसी अवधि से काफी ज्यादा है। हालात को देखते हुए नगर निगम और राजस्व विभाग की टीमें लगातार जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और कई परिवारों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।
प्रशासन ने कृषि उपज मंडी और एमएलबी स्कूल में राहत शिविर बनाए हैं, जहां प्रभावित परिवारों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। लोग अपने जरूरी सामान और मवेशियों के साथ सुरक्षित जगहों की ओर जाते दिखाई दिए। लगातार खराब मौसम को देखते हुए जिले के सभी स्कूलों में दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है।
उधर राहत और बचाव अभियान भी लगातार जारी है। हांडी कुंडी में चार और अजंटी में तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कई इलाकों में ड्रोन के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई गई। वहीं सुक्ता डैम के चार और राजगढ़ डैम के पांच गेट खोल दिए गए हैं, जिससे सुक्ता और भाम नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। भोजाखेड़ी गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जबकि तेज बहाव में ट्रैक्टर और रोटावेटर तक बह गए।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए अगले कुछ घंटे जिले के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

