इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से मानव तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बाणगंगा थाना पुलिस ने ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नाबालिग लड़कियों की फर्जी पहचान बनाकर उनकी शादी कराता था और फिर लाखों रुपये में उनका सौदा करता था। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह ने 16 वर्षीय नाबालिग बच्ची को 21 साल की युवती दिखाने के लिए उसके आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद गिरोह के सदस्य खुद ही उसके नकली माता-पिता बने और रतलाम में उसकी शादी कराकर करीब तीन लाख रुपये में उसका सौदा कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह की साजिश सिर्फ एक शादी तक सीमित नहीं थी। आरोप है कि नाबालिग को अलग-अलग जगहों पर 5 से 6 बार शादी कराकर बार-बार बेचने की पूरी योजना पहले से बनाई गई थी, ताकि उससे लगातार पैसे कमाए जा सकें।
बताया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा एक अपहरण के मामले की जांच के दौरान हुआ। पुलिस जब मामले की तह तक पहुंची तो मानव तस्करी के इस संगठित रैकेट का पर्दाफाश हुआ और कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल बाणगंगा पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन जिलों और राज्यों तक फैला हुआ है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस रैकेट का शिकार अब तक कितनी लड़कियां बन चुकी हैं।

