डबरा। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को हार का सामना करना पड़ा, जबकि कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने 6 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। चुनाव परिणाम के बाद अब भाजपा संगठन हार के कारणों की समीक्षा में जुट गया है और भीतरघात की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
दरअसल, चुनाव से पहले भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद पार्टी के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आई। कई कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, सोशल मीडिया पर इस्तीफे साझा किए और असंतोष की खबरें भी सामने आईं।
हालांकि बाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा चुनाव प्रचार में शामिल हुए। उन्होंने मंच से भावुक होते हुए कहा था कि वे घर-घर जाकर आशुतोष तिवारी के लिए वोट मांगेंगे और उन्हें जिताने का पूरा प्रयास करेंगे।
अब चुनाव में हार के बाद भाजपा के भीतर एक बार फिर भीतरघात की चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच सिंधिया समर्थक और पूर्व मंत्री इमरती देवी का एक बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
इमरती देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूरी मेहनत की थी और उन्हें भरोसा था कि भाजपा चुनाव जीतेगी। लेकिन उनके मुताबिक पार्टी के ही कुछ लोगों ने भीतरघात किया, जिसकी वजह से हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा, “ऐसे लोगों से हमारी पार्टी को बचकर रहना चाहिए।” हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल भाजपा नेतृत्व भी हार के कारणों की समीक्षा में जुटा हुआ है और सभी की नजर अब संगठन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

