इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। अवैध गुमठियों को हटाने पहुंची नगर निगम की टीम के सामने कांग्रेस की नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट खुलकर विरोध में उतर आईं। मामला इतना बढ़ गया कि उन्होंने वरिष्ठ IAS अधिकारी आकाश सिंह का रास्ता रोक लिया। इस दौरान सड़क पर काफी देर तक तीखी बहस होती रही और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
जानकारी के मुताबिक, शहर में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम ने अवैध गुमठियों और अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया था। इसी कार्रवाई की निगरानी के लिए नगर निगम के अपर आयुक्त और IAS अधिकारी आकाश सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई पूरी होने के बाद कांग्रेस नेता सोनिला मिमरोट अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचीं और नगर निगम की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताने लगीं।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जब IAS अधिकारी आकाश सिंह वहां से निकलने लगे तो सोनिला मिमरोट ने उनका रास्ता रोक लिया। अधिकारी लगातार हाथ जोड़कर उन्हें समझाते रहे कि नगर निगम नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है और उन्हें जरूरी काम से जाना है, लेकिन बहस लगातार बढ़ती चली गई।
सोनिला मिमरोट का कहना था कि जब तक पूरे इंदौर में एक समान कार्रवाई नहीं होती और सभी अवैध गुमठियों पर समान रूप से कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे अधिकारियों को जाने नहीं देंगी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच सड़क पर काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही।
घटना के दौरान अधिकारियों ने बार-बार अनुरोध किया कि उन्हें अपना काम करने दिया जाए और बातचीत नियमों के दायरे में हो, लेकिन विरोध जारी रहा। इस दौरान प्रशासनिक कार्य में बाधा उत्पन्न होने की स्थिति भी बनी रही।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद इंदौर के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या अतिक्रमण हटाने जैसी प्रशासनिक कार्रवाई का इस तरह विरोध किया जाना उचित है, और क्या किसी अधिकारी का रास्ता रोककर उसे काम करने से रोकना जनप्रतिनिधि के अधिकारों के दायरे में आता है। फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है।

