भोपाल/ विदिशा। विदिशा में वात्सल्य गणपति महोत्सव का डोल ग्यारस के अवसर पर भव्य समापन हुआ। भगवान श्री गणेश की विदाई के लिए निकले चल समारोह में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और श्रद्धालु शामिल हुए। बैंड-बाजों की धुन पर निकले इस जुलूस में जहां लोग भक्ति में झूमते नजर आए, वहीं साइबर फ्रॉड को लेकर तैयार की गई जागरूकता झांकी ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
चल समारोह के दौरान छात्र-छात्राएं बैंड की धुन पर झूमते और गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से निकले। पूरा शहर गणेश भक्ति के रंग में नजर आया। लेकिन इस दौरान साइबर ठगी से बचाव को लेकर तैयार की गई झांकी आकर्षण का खास केंद्र रही।
झांकी के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपना ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
छात्र-छात्राओं ने लोगों को समझाया कि साइबर ठगी में छोटी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए किसी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा करने से पहले पूरी सावधानी बरतना जरूरी है।
धार्मिक आयोजन के बीच साइबर सुरक्षा का यह सामाजिक संदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। हजारों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भी इस जागरूकता संदेश को लोगों तक पहुंचाया।
इसके बाद भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया गया। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से बप्पा को विदाई दी और गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया गया।
वात्सल्य गणपति महोत्सव के समापन पर जहां भक्ति और आस्था का माहौल दिखाई दिया, वहीं साइबर ठगी से बचाव का संदेश भी हजारों लोगों तक पहुंचा।

