मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में अस्पताल का माली एक घायल मरीज के सिर पर टांके लगाता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि मौके पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं दिखता।
बताया जा रहा है कि 21 जुलाई को जमीन विवाद में घायल हुए छोटेलाल कोल इलाज के लिए नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। आरोप है कि उस समय डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे और मरीज का उपचार अस्पताल के माली जानकी कुशवाहा से कराया गया। वायरल वीडियो में माली दस्ताने पहनकर मरीज के सिर पर टांके लगाता नजर आ रहा है।
वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि जैसे ही उसे एहसास होता है कि उसकी रिकॉर्डिंग की जा रही है, वह बीच में ही काम छोड़कर वहां से हट जाता है। हालांकि बाद में घायल मरीज के टांके पूरे किए गए। इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति की जिम्मेदारी अस्पताल परिसर की देखभाल करना है, वह मरीजों का इलाज कैसे कर रहा था? यदि डॉक्टर मौजूद नहीं थे, तो उनकी जिम्मेदारी किसने निभानी थी? और आखिर किसकी अनुमति से एक गैर-चिकित्सकीय कर्मचारी से ऐसा काम कराया गया?
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि अस्पतालों में डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं रहेंगे और मरीजों का इलाज दूसरे कर्मचारी करेंगे, तो आम लोगों की जान कैसे सुरक्षित रहेगी?
अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। यह देखना होगा कि वायरल वीडियो की जांच के बाद जिम्मेदार डॉक्टरों, अस्पताल प्रबंधन और इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं, या फिर यह मामला भी जांच और फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा।

